
आंखों में समस्या पर…हौसला कम नहीं, JPSC में इतनी रैंक लाकर चमके ‘रौशन’
JPSC Success Story in Hindi 2025: हर किसी के सपनों की एक अलग उड़ान होती है और जब मेहनत के पंख मिलते हैं, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रह जाता. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है झारखंड में डोमचांच नगर पंचायत वार्ड नंबर 8 के निवासी रौशन कुमार चंद्रवंशी ने, जिन्होंने JPSC परीक्षा में 340वीं रैंक हासिल कर अपने क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है. आइए विस्तार से जानें रौशन कुमार की सफलता की कहानी (JPSC Success Story of Roshan Kumar in Hindi 2025) जो आपको आगे बढ़ने का हौसला देगी.
शिक्षा और संघर्ष से भरी यात्रा (Roshan Kumar JPSC Success Story)
रौशन की शुरुआती पढ़ाई नर्सरी से कक्षा 5वीं तक सरस्वती ज्ञान मंदिर डोमचांच में हुई. इसके बाद उन्होंने मैट्रिक तक श्री महेश एकेडमी, इंटरमीडिएट इंटर कॉलेज डोमचांच और फिर JJ कॉलेज, झुमरी तिलैया से बीएससी (गणित ऑनर्स) की पढ़ाई पूरी की. रौशन ने अपने करियर की शुरुआत गोविंदपुर के नगर कियारी क्षेत्र में ग्रामीण डाकिया के रूप में की, जहां उन्होंने डेढ़ वर्षों तक सेवा दी. इसी दौरान वे JPSC की तैयारी में जुटे रहे. वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले में कनिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं.
यह भी पढ़ें- शर्मनाक! 70000 सैलरी, फिर भी Eleven की स्पेलिंग नहीं लिख पाए मास्टर साहब, बच्चों के सामने फजीहत
परिवार और मार्गदर्शन बना सफलता की चाबी (JPSC Success Story)
रौशन की सफलता के पीछे उनके भाई संजीव कुमार चंद्रवंशी का मार्गदर्शन अहम रहा. उन्होंने बताया कि उनकी आंखों में समस्या थी, ऐसे में उनकी बहन स्नेहा कुमारी ने परीक्षा की तैयारी में मदद की. इसके साथ ही रामा कृष्णा IAS एकेडमी के शिक्षक विमाट शांडिल्य का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा.
सफलता का श्रेय इन्हें दिया.. (JPSC Success Story)
रौशन ने अपनी सफलता का श्रेय मां नीतू देवी, चाचा नवल किशोर राम, प्रवीण राम, जीतेन्द्र कुमार, उज्ज्वल कुमार, अनिकेत कुमार, अभिषेक वर्मा, विकास कुमार सहित अपने पूरे परिवार और दोस्तों को दिया.
मिली शुभकामनाएं (JPSC Success Story of Roshan Kumar in Hindi 2025)
रौशन की सफलता पर नगर पंचायत के निवर्तमान अध्यक्ष राजकुमार मेहता, समाजसेवी महेन्द्र प्रसाद वर्मा, श्री महेश एकेडमी के निदेशक सुनील सिंहा सहित कई स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
यह भी पढ़ें- Success Story: दो बहनें, एक सपना और अब दोनों अफसर! झारखंड के चान्हों की दिव्या और विद्या ने JPSC में गाड़ा झंडा
Source link