
BTech CS या ECE नहीं, यह बनेगी फ्यूचर की हाई स्कोप ब्रांच

Agricultural Engineering: अब तक इंजीनियरिंग की पढ़ाई का मतलब ज्यादातर स्टूडेंट्स के लिए कंप्यूटर साइंस (CS) या इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE) ही माना जाता था. लेकिन बदलते दौर में खेती और टेक्नोलॉजी का मेल तेजी से बढ़ रहा है. गवर्नमेंट, स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियां अब स्मार्ट एग्रीकल्चर पर फोकस कर रही हैं, जिससे एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एक उभरती हुई और फ्यूचर वाली ब्रांच बनती जा रही है. आने वाले समय में इस फील्ड में करियर के मौके और दायरा दोनों बढ़ने वाले हैं. आइए जानते हैं कि Agricultural Engineering क्या है और इसके करियर स्कोप क्या-क्या है.
Agricultural Engineering क्या है ?
एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एक ऐसी इंजीनियरिंग ब्रांच है, जिसमें खेती को आसान, स्मार्ट और ज्यादा प्रोडक्टिव बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिखाया जाता है. इसमें यह पढ़ाया जाता है कि कैसे मॉडर्न मशीनों, सिंचाई सिस्टम, ड्रोन, सेंसर और नई टेक्नोलॉजी की मदद से खेती की लागत (Cost) कम की जाए और प्रोडक्शन बढ़ाई जाए. इस ब्रांच में स्टूडेंट्स खेती से जुड़ी मशीनें बनाना, पानी का सही यूज करना, फसल की प्रोसेसिंग, स्टोरेज और स्मार्ट फार्मिंग जैसे सब्जेक्ट्स को इंजीनियरिंग तरीके से सीखते हैं.
करियर स्कोप और जॉब अपॉर्चुनिटी
एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग करने के बाद करियर के कई रास्ते खुले होते हैं. यह फील्ड सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि मशीनरी, टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट से भी जुड़ी हुई है. BTech Agricultural Engineering करने के बाद स्टूडेंट्स फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, रिसर्च और डेवलपमेंट, स्मार्ट फार्मिंग एंड कंसल्टिंग, एग्रीकल्चर मशीनरी कंपनियां, एग्री-टेक स्टार्टअप्स और सरकारी विभाग (Agriculture Officer, PSU) जैसे इन सेक्टरों में करियर बना सकते हैं.
सैलरी और फ्यूचर ग्रोथ
इंडिया में एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग करने के बाद स्टार्टिंग सैलरी आमतौर पर 3 से 6 लाख प्रतिवर्ष होती है. कुछ साल के एक्सपिरियंस और स्किल्स के साथ सैलरी पैकेज लगभग 10 लाख या उससे ज्यादा भी हो सकता है. फ्यूचर में जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी खेती से जुड़ेगी, इस ब्रांच की वैल्यू और डिमांड और बढ़ेगी.
Agricultural Engineering: टॉप कॉलेज
अगर आप Agricultural Engineering में करियर बनाना चाहते हैं, तो सही कॉलेज का सिलेक्शन करना बहुत जरूरी होता है. एक अच्छा कॉलेज पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज, रिसर्च और जॉब के मौके भी देता है. भारत में कई IITs, एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी और ICAR से जुड़े इंस्टीट्यूट है, जहां एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग करने के बाद स्टूडेंट्स को मजबूत करियर की शुरुआत मिलती है. जैसे-
- IIT खड़गपुर
- पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी
- IIT मद्रास
- GB Pant यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी
- तमिलनाडु एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (TNAU)
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