
BTech CS या Civil छोड़िए! 2026 में Marine Engineering बन सकता है गेमचेंजर

Best BTech Branch Marine Engineering: इंजीनियरिंग में जहां CS और Civil सबसे ज्यादा चुनी जाती हैं, वहीं अब मरीन इंजीनियरिंग एक हाई-पोटेंशियल और हाई-पैकेज ऑप्शन बनकर उभर रही है. 2026 में शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और ऑफशोर इंडस्ट्री के बढ़ते विस्तार के साथ इस ब्रांच की डिमांड तेजी से बढ़ रही है.
क्या है Marine Engineering?
मरीन इंजीनियरिंग वह ब्रांच है, जिसमें जहाजों, शिप इंजन, मरीन मशीनरी और पावर सिस्टम्स की डिजाइन, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की पढ़ाई कराई जाती है. मरीन इंजीनियर का काम होता है, जहाज के इंजन, जनरेटर, बॉयलर और टेक्निकल सिस्टम्स की मेंटेनेंस करना.
इस कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है-
- Marine Engines & Machinery
- Ship Construction
- Thermodynamics & Fluid Mechanics
- Marine Electrical Technology
- Control Engineering
- Naval Architecture Basics
- Safety, Fire Fighting & Survival Techniques
Marine Engineering की पढ़ाई कहां होती है?
आईआईटी या एनआईटी जैसे इंस्टीट्यूट में डारेक्ट मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं होती है. लेकिन Naval Architecture & Ocean Engineering जैसे कोर्स के अंडर इसकी पढ़ाई होती है. इस कोर्स में थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल पर ध्यान दिया जाता है.
Marine Engineering Colleges In India: इन इंस्टीट्यूट में होती है पढ़ाई
Indian Maritime University (IMU) – मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, कोचीन कैंपस
CUSAT – Kunjali Marakkar School of Marine Engineering (केरल)
Marine Engineer Salary: कितनी मिलती है सैलरी?
सैलरी बहुत से बात पर निर्भर करती है. एक फ्रेशर मरीन इंजीनियर को हर महीने सैलरी के रूप में 30,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये तक मिलते हैं. वहीं अगर आपने IMU से पढ़ाई की है तो प्लेसमेंट के अनुसार, सैलरी और बेहतर भी हो सकती है. IMU के प्लेसमेंट पार्टनर MMSI, Wilhelmsen, Thome Group हैं.
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