
Bihar की बेटी का कमाल! MBBS के बाद UPSC Topper, अब AI से किया ऐसा काम, हर कोई कर रहा तारीफ
IAS Success Story of Saumya Jha in Hindi: हर सपना बड़ा होता है लेकिन उसे साकार करने के लिए जो जुनून चाहिए…वो बहुत कम लोगों में होता है. डॉ सौम्या झा (Saumya Jha) की कहानी सभी को प्रेरित करने वाली है क्योंकि उन्होंने न सिर्फ MBBS किया बल्कि पहले ही प्रयास में UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास कर IAS बन गईं. आज वह राजस्थान के टोंक जिले की कलेक्टर हैं और अपनी पहल ‘Padhai with AI’ से 300 से स्कूलों के बच्चों को गणित से दोस्ती करा रही हैं. आइए जानें IAS Success Story of Saumya Jha विस्तार से जो आपको आगे बढ़ने का हौसला देगी.
मेडिकल से प्रशासनिक सेवा की ओर (IAS Success Story)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौम्या झा का जन्म बिहार में हुआ था और मध्य प्रदेश में पली-बढ़ीं. सौम्या ने वर्ष 2010 में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली से MBBS की पढ़ाई शुरू की और 2015 में अपनी इंटर्नशिप पूरी की. हालांकि डॉक्टर बनकर करियर बनाने की बजाय उन्होंने अपने पिता की राह चुनी जो IAS अधिकारी थे. उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और साल 2016 में पहले ही प्रयास में 58वीं रैंक हासिल कर ली.
यह भी पढ़ें- IIT से IAS तक का सफर…फिर सबकुछ छोड़कर बनें Singer, कशिश की कहानी आपको भी चौंका देगी
IAS बनने की प्रेरणा: पिता से मिली दिशा (Success Story in Hindi)
सौम्या के पिता संजय झा मध्यप्रदेश कैडर के सीनियर IAS अधिकारी रहे हैं और 2024 में DG रैंक से रिटायर हुए. सौम्या कहती हैं कि जब वो अपने पिता को यूनिफॉर्म में देखती थीं, तो उनके अंदर भी वही जज्बा जगता था कि उन्हें भी देश सेवा करनी है. उनकी मां रेलवे में डॉक्टर हैं.
‘Padhai with AI’ से बदली पढ़ाई की परिभाषा
टोंक जिले में कलेक्टर बनने के बाद सौम्या ने ‘Padhai with AI’ प्रोग्राम की शुरुआत की. इसका मकसद था- बच्चों को गणित जैसे कठिन विषय से डर को दूर करना और टेक्नोलॉजी के माध्यम से पढ़ाई को रोचक बनाना. इस पहल से जिले के 300 से अधिक स्कूलों में बच्चे AI की मदद से गणित को मजे से सीख रहे हैं.
व्यक्तिगत जीवन में भी प्रेरणा (IAS Success Story of Saumya Jha)
सौम्या झा के पति अक्षय गोदारा भी पहले प्रयास में UPSC क्रैक कर चुके हैं. उन्होंने IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में BTech किया है और 2016 में 603वीं रैंक के साथ IAS बने.
यह भी पढ़ें- Success Story: उम्र नहीं हौंसला बड़ा, दो बेटियों की मां…फिर भी UPSC फतह, 1000 है AIR
Source link