
Database Engineer कैसे बनें, IT सेक्टर में मिलती है लाखों की सैलरी
Database Engineer: आज के डिजिटल दौर में डेटा सबसे कीमती संपत्ति बन चुका है. हर कंपनी अपने डेटा को सुरक्षित, तेज और सही तरीके से मैनेज करना चाहती है. अगर आप IT सेक्टर में एक मजबूत और लॉन्ग टर्म करियर बनाना चाहते हैं, तो डेटा बेस इंजीनियर बनना एक बेहतरीन विकल्प है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि डेटा बेस इंजीनियर कैसे बनें और इसके लिए क्या-क्या जरूरी है.
Database Engineer क्या करता है?
डेटा बेस इंजीनियर का मुख्य काम कंपनी के डेटा को डिजाइन करना, स्टोर करना, मैनेज करना और सुरक्षित रखना होता है. ये प्रोफेशनल बड़े-बड़े डेटाबेस बनाते हैं, उनकी परफॉर्मेंस सुधारते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि डेटा कभी खो न जाए. बैंक, IT कंपनियां, ई-कॉमर्स, हेल्थ सेक्टर और स्टार्टअप्स सभी जगह डेटा बेस इंजीनियर की जरूरत होती है.
कौन बन सकता है डेटा बेस इंजीनियर?
Database Engineer बनने के लिए सबसे पहले सही एजुकेशन जरूरी है. इसके लिए आप BTech या BE (Computer Science, IT) कर सकते हैं. इसके अलावा BSc कंप्यूटर साइंस, BCA वाले छात्र भी इस फील्ड में आ सकते हैं. पोस्ट ग्रेजुएशन में MCA या MTech करने से करियर और मजबूत हो जाता है.
कुछ सर्टिफिकेट जरूरी
- Oracle Database Certification
- Microsoft SQL Certification
- AWS Database Specialty
- Google Cloud Database Courses
Database Engineer जॉब ऑप्शन
अगर आप फ्रेशर हैं, तो शुरुआत में आप Junior Database Engineer, Database Analyst या SQL Developer की पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं. साथ ही छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करें. इसके अलावा अपना खुद का डेटाबेस प्रोजेक्ट बनाएं. इंटर्नशिप या ट्रेनी जॉब जरूर करें.
भारत में डेटा बेस इंजीनियर की शुरुआती सैलरी करीब 4 से 6 लाख रुपये सालाना होती है. अनुभव के साथ यह सैलरी 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. आगे चलकर आप Database Architect, Data Engineer या Cloud Database Expert भी बन सकते हैं.
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