
लाखों की नौकरी छोड़ शुरू की तैयारी, आखिरी प्रयास में गिरिशा UPSC पास
Success Story of IRS Girisha Chaudhary: अगर आपको लगता है कि UPSC सिर्फ किताबों और नोट्स से क्लियर हो जाता है तो जरा गिरिशा चौधरी की कहानी सुनिए. हरियाणा की करनाल की रहने वाली गिरिशा शुरू से कोई टॉपर नहीं थीं. स्कूल में वो बस एक एवरेज स्टूडेंट थीं. मगर किस्मत और मेहनत का कॉम्बिनेशन सही बैठ जाए तो कहानी (Success Story) बदल जाती है.
हरियाणा की रहने वाली
गिरिशा चौधरी हरियाणा के करनाल की रहने वाली हैं. वह एक मध्यम वर्गीय परिवार से आती हैं जहां सुविधाएं सीमित थीं. उनकी स्कूलिंग भी होमटाउन से ही हुई. पढ़ाई के शुरुआती दिनों में वे कोई टॉपर नहीं थीं बल्कि एक एवरेज छात्रा मानी जाती थीं. लेकिन उनकी मेहनत और आत्मविश्वास ने आगे चलकर उन्हें एक अलग मुकाम तक पहुंचाया.
इंजीनियरिंग की डिग्री
स्कूलिंग पूरी करने के बाद गिरिशा ने एक प्राइवेट कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान उनका सिलेक्शन कॉलेज प्लेसमेंट में हो गया और उन्हें लाखों के पैकेज पर एक टॉप कंपनी में नौकरी मिली. यह वह समय था जब उनका करियर कॉर्पोरेट वर्ल्ड में सेट हो सकता था, लेकिन गिरिशा का मन कुछ और करने का था.
UPSC करने का मन
कॉर्पोरेट जॉब करते समय गिरिशा ने महसूस किया कि उनका असली लक्ष्य देश की सेवा करना है. इसी सोच ने उन्हें UPSC की ओर मोड़ दिया. हालांकि यह फैसला आसान नहीं था. परिवार का विरोध और नौकरी छोड़ने का डर दोनों ही उनके सामने बड़ी चुनौतियां थे. फिर भी गिरिशा ने साहस दिखाया और पूरी तरह UPSC की तैयारी में जुट गईं.
Success Story of IRS Girisha: ऐसे मिली सफलता
गिरिशा ने पहले हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) 2022 की परीक्षा में रैंक 30 हासिल की और डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित हुईं. यह सफलता उनके लिए आत्मविश्वास वापस लाने वाली साबित हुई. इसके बाद UPSC के अपने आखिरी प्रयास में उन्होंने रैंक 263 हासिल की और IRS (Indian Revenue Service) में चयनित हुईं.
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