
6 साल में 12 Sarkari परीक्षा, गरीब किसान के बेटे ने रचा इतिहास, UPSC में हासिल की 107वीं रैंक
IPS Success Story: कबीर का एक दोहा है, “धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय. माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय.” राजस्थान के प्रेमसुख डेलू की कहानी इस दोहे जैसी है, उनके जीवन में कई बार असफलता आई. लेकिन धीरे-धीरे एक नई कई सारी सफलता भी मिली. राजस्थान के एक मवेशी परिवार का लड़का, जिसने IPS तक का सफर तय किया. प्रेमसुख डेलू को 6 साल में 12 सरकारी नौकरी मिली. आइए, जानते हैं उनकी कहानी.
IPS Success Story: घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, फिर भी नहीं की पढ़ाई
प्रेमसुख डेलू राजस्थान (Rajasthan News) के किसान और मवेशी परिवार से आते हैं. उनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी जिस वजह से उनकी शुरुआती जिंदगी संघर्षों के बीच गुजरी. उनके पिता ऊंटगाड़ी चलाते थे और लोगों का सामान एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाते थे.
IPS Success Story: सरकारी स्कूल से की पढ़ाई
प्रेमसुख (Premsukh Delu IPS) ने गरीबी को अपनी पढ़ाई के बीच में नहीं आने दिया. वो हमेशा से मेहनती थे. 10वीं तक की पढ़ाई प्रेमसुख ने अपने गांव के सरकारी स्कूल से की. द बीकानेर के राजकीय डूंगर कॉलेज से आगे की पढ़ाई की. इतिहास में एमए किया और गोल्ड मेडल भी जीता. एमए के दौरान ही पटवारी भर्ती में चयन हो गया. पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने इतिहास में यूजीसी नेट और जेआरएफ पास किया.
IPS Success Story: 6 साल में करीब 12 सरकारी भर्ती परीक्षा
प्रेमसुख ने 6 साल में करीब 12 सरकारी भर्ती परीक्षा पास की. आखिरकार, उन्होंने यूपीएससी सीएसई में भी सफलता हासिल कर ली और आईपीएसस कैडर हासिल किया. उन्होंने नौकरी के साथ ही यूपीएससी की तैयारी शुरू की. कड़ी मेहनत और धैर्य से उन्होंने परीक्षा पास की और आईपीएस बने. सिविल सेवा परीक्षा के अपने दूसरे प्रयास में, प्रेमसुख ने UPSC CSE परीक्षा में 170वीं रैंक हासिल की थी. प्रेमसुख के बड़े भाई राजस्थान पुलिस में कॉन्सेटबल हैं. उन्होंने ही प्रेमसुख को यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया था.
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